भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

मैं अटल भी हूँ, मैं बिहारी भी हूँ|
जहाँ आवश्यकता वहाँ अटल, जहाँ जरूरत वहाँ बिहारी||
जहाँ जैसा मौका वैसे रूप में आ जाता हूँ|
मैं अटल भी हूँ, मैं बिहारी भी हूँ||

संसद की शान हैं आप|
सांसद की मान हैं आप||
माँ भारती के सच्चे सपूत हैं आप|
स्वाभाविक है, मैं अटल भी हूँ, मैं बिहारी भी हूँ||

कल आकाश, पाताल, गगन और मेघ रोया था आपके जाने से|
पूरा भारत, पूरा विश्व स्तब्ध था आपके मौन हो जाने से||
फिर आपने ही तो कहा था, क्यूँ व्यर्थ चिंतित हो, मैं यहीं था, मैं यहीं हूँ और मैं यहीं रहुँगा||
मैं अटल हूँ, मैं सत्य हूँ, मैं सबके दिलों में रहूँगा||

    ॐ शाँति अटल जी! प्रणाम 

Comments

Popular posts from this blog

Sharing and dissemination of orthopedic related information becomes easy with the help of using social media tools in modern 24x7 life cycle.